रक्षा बंधन कब से और क्यों मनाया जाता है – सम्पूर्ण जानकारी

रक्षा बंधन कब से और क्यों मनाया जाता है – सम्पूर्ण जानकारी – रक्षा बंधन का त्यौहार हमारे देश में हर साल मनाया जाता हैं. यह भाई बहन के प्यार का एक मीठा त्यौहार माना जाता हैं. इस त्यौहार में बहन भाई की कलाई पर एक रक्षा सूत्र बांधती हैं.

ऐसा माना जाता है की बहन के द्वारा भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने से भाई की रक्षा होती हैं. भाई को जीवन में सफलता की प्राप्ति होती हैं. इस अवसर पर बहन भाई के माथे पर तिलक बांधकर रक्षा सूत्र बांधती हैं.

आप लोग भी हर साल इस त्यौहार को मनाते होगे. लेकिन इस त्यौहार को मनाने के पीछे क्या कारण है और क्यों मनाया जाता हैं. इस बारे में आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको बताने वाले हैं.

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इस आर्टिकल के माध्यम से आपको रक्षा बंधन त्यौहार के बारे में आपको संपूर्ण जानकारी प्रदान करेगे. इसलिए आज का हमारा यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़े.

दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताने वाले है की रक्षा बंधन कब से और क्यों मनाया जाता है. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान करने वाले हैं.

तो आइये हम आपको इस बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं.

रक्षा बंधन कब से और क्यों मनाया जाता है

रक्षा बंधन मनाने के पीछे पौराणिक ऐतिहासिक प्रसंगो का उल्लेख मिलता हैं. जिसके बारे में हमने नीचे जानकारी प्रदान की हैं.

ऐसा माना जाता है की एक समय की बात है जब देवराज इंद्र राक्षसों से परेशान हो गए और हर बार देवराज इंद्र को राक्षसों हार मिलने लगी. यह देखते हुए सभी देवता गण चिंतित हो गए. देवराज इंद्र की ऐसी हार और निराशा को देखते हुए इन्द्राणी ने खूब सालो तप किया और एक रक्षा सूत्र को तैयार किया.

इस तैयार किये गये रक्षा सूत्र को इन्द्राणी ने देवराज इंद्र की कलाई पर बांधा. इसके बाद इंद्र को राक्षसों को परास्त करने में सफलता मिली.

ऐसा माना जाता है की इस प्रसंग के बाद रक्षा बंधन पर्व मनाये जाने लगा. उसी दिन से रक्षा बंधन त्यौहार की शुरुआत हुई.

इसके पीछे और एक पौराणिक कहानी को भी माना जाता हैं. ऐसा माना जाता है की भगवान विष्णु जब वामन अवतार धारण करके राजा बली के पास आये थे. तब भगवान विष्णु ने बलि राजा से तीन पग भूमि दान में मांगी थी. राजा बली ने भी भगवान को तीन पग भूमि लेने के लिए कह दिया.

इस दौरान भगवान विष्णु ने तीन पग भूमि को नापकर पूरी पृथ्वी को अपना बना लिया और बलि राजा को पाताल लोक भेज दिया. ऐसा माना जाता है की इस प्रसंग के बाद बलि की याद में रक्षा बंधन पर्व मनाया जाता हैं.

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रक्षा बंधन किस दिन मनाया जाता है

यह त्यौहार हर वर्ष श्रावण महीने के पूर्णिमा के दिन को मनाया जाता हैं. यह त्यौहार भाई और बहन का त्यौहार माना जाता हैं. इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं. ऐसा माना जाता है की भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने से भाई की रक्षा होती हैं. और भाई को सफलता की प्राप्ति होती हैं. इस त्यौहार से भाई और बहन के बीच प्रेम और मिठाश बने रहते हैं. इसलिए इसको स्नेह का बंधन भी माना जाता हैं.

रक्षा बंधन को और किन किन नामो से जाना जाता है

रक्षा बंधन पर्व को अन्य और भी नाम से जाना जाता हैं. दक्षिण भारत में रक्षा बंधन पर्व को नारियल पूर्णिमा, पश्चिम बंगाल में रक्षा बंधन पर्व को गुरु महापूर्णिमा और नेपाल में इसे जनेऊ पूर्णिमा के नाम से जाना जाता हैं.

रक्षा बंधन पर्व से ऐतिहासिक प्रसंग भी जुड़े

ऐसा माना जाता है की पहले की समय में जब हमारे पर अन्य लोगो शासन हुआ करता था. तब हमारे राजाओ की कलाई पर उनकी बेटियां उनको रक्षा सूत्र बांधकर युद्ध करने के लिए भेजती थी. और राष्ट्र की सुरक्षा करने के प्राण कराती थी.

इससे राजाओ का होसला बढ़ता था. और युद्ध में विजय होती थी. इसलिए ऐसे प्रसंग को देखते हुए भी रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाता हैं.

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रक्षा बंधन पर्व से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

रक्षा बंधन पर्व से जुड़े कुछ रोचक तथ्य भी हैं. जिसके बारे में हमने नीचे जानकारी प्रदान की हैं.

  • रक्षा बंधन पर्व को राखी का त्यौहार के नाम से भी जाना जाता हैं. यह हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार माना जाता हैं.
  • रक्षा बंधन का त्यौहार हर वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता हैं.
  • रक्षा बंधन को अन्य और नाम से भी जाना जाता हैं. जैसे की नेपाल में रक्षा बंधन पर्व को जनेऊ पूर्णिमा, दक्षिण भारत में रक्षा बंधन को नारियल पूर्णिमा और पश्चिम बंगाल में रक्षा बंधन पर्व को गुरु महापूर्णिमा के नाम से जाना जाता है.
  • रक्षा बंधन का त्यौहार सावन मास के आखिरी दिनों में आता है. इसलिए इस पर्व को सलूनी या सावनी पर्व भी कहा जाता हैं.
  • रक्षा बंधन का त्यौहार सिर्फ भारत में ही नही यह त्यौहार नेपाल और मोरेशस देश में भी मनाया जाता हैं.
  • रक्षा बंधन के त्यौहार को भाई और बहन का त्यौहार कहा जाता हैं.
  • रक्षा बंधन का त्यौहार एक ऐसा त्यौहार है. इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर भाई के प्रति अपना प्रेम दर्शाती हैं.
  • इस त्यौहार में बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर भाई की लंबी आयु की कामना करती हैं.
  • रक्षा बंधन के त्यौहार पर भाई की कलाई पर जो सूत बांधा जाता हैं. उसे राखी के नाम से नाम जाता हैं. यह राखी कच्चे सूत से बनाई जाती हैं. इसके अलावा चांदी और सोने की राखी भी बनाई जाती हैं.
  • इस दिन भाई भी अपनी बहन को कुछ तोहफा देते हैं. और अपनी बहन की रक्षा करने का संकल्प लेते हैं.
  • रक्षा बंधन का त्यौहार गुरु और शिष्य के संबंध का प्रतीक भी माना जाता हैं.
  • रक्षा बंधन के इस पर्व को महाराष्ट्र में नारियल पूर्णिमा के नाम से जाना जाता हैं.
  • रक्षा बंधन के इस त्यौहार पर काफी जगह पर बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के बाद कान पर भुजरियाँ लगाती हैं.
  • रक्षा बंधन के इस त्यौहार पर काफी जगह पर भगवान और वृक्षों को भी राखी बांधने की परंपरा हैं.
  • रक्षा बंधन के इस त्यौहार पर राजस्थान में चुडाराखी, दिनरामराखी और लुंबा राखी बांधने का रिवाज होता हैं.
  • राखी के इस अवसर पर मराठी जाती के लोग समुद्र तट या नदी के तट पर जाकर अपनी जनेऊ बदलते हैं. और पूजा पाठ आदि करते हैं.
  • यह देश का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता हैं.

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निष्कर्ष

दोस्तों आज हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताया है रक्षा बंधन कब से और क्यों मनाया जाता है. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान की हैं.

हम उम्मीद करते है की आज का हमारा यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा. अगर उपयोगी साबित हुआ हैं. तो आगे जरुर शेयर करे. ताकि अन्य लोगो तक भी यह महत्वपूर्ण जानकारी पहुंच सके.

दोस्तों हम आशा करते है की आपको हमारा यह रक्षा बंधन कब से और क्यों मनाया जाता है – सम्पूर्ण जानकारी आर्टिकल अच्छा लगा होगा. धन्यवाद

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