माँ की संपत्ति में बेटी का अधिकार – मुस्लिम और हिन्दुओ में कानून जाने

माँ की संपत्ति में बेटी का अधिकारमुस्लिम और हिन्दुओ में कानून जाने – माता-पिता के लिए बेटा हो या बेटी दोनों ही एक समान माने जाते हैं. माता-पिता की संपति पर बेटे का अधिकार होता हैं. यानी की अगर माता-पिता बेटे के नाम कोई भी संपति नही करवाते हैं. फिर भी बेटा उन संपति का मालिक हो जाता हैं. माता-पिता की संपति पर बेटे का पूरा अधिकार होता हैं. फिर चाहे बेटा कैसा भी हो.

लेकिन जब माता-पिता बेटे के नाम अपनी संपति करते हैं. इसके बाद ही उस संपति का मालिक बनता हैं. लेकिन क्या माँ की संपति में बेटी का अधिकार होता हैं. इस बारे में हम आपको जानकारी प्रदान करने वाले हैं.

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दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से माँ की संपत्ति में बेटी का अधिकार बताने वाले हैं. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान करने वाले हैं. तो यह सभी महत्वपूर्ण जानकारी पाने के लिए आज का हमारा यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़े.

तो आइये हम आपको इस बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं.

माँ की संपत्ति में बेटी का अधिकार

काफी लोगो का सवाल होता है की क्या माँ की संपति में बेटी का अधिकार होता हैं. तो हम आपको बता रहे ही जी हां, माँ की संपति में बेटी का पूरा अधिकार होता हैं. एक बेटे का माँ की संपति पर जितना अधिकार होता हैं. उतना ही अधिकार एक बेटी का भी होता हैं.

बेटी नाबालिग़ हो या फिर शादीशुदा हो. दोनों कंडीशन में बेटी का माँ की संपति का अधिकार होता हैं.

अगर कोई नाबालिग हैं. तो उस बेटी का माँ की संपति पूरा अधिकार होता हैं. वह अपनी माँ से रहन के लिए जगह तथा खर्चे आदि ले सकती हैं. वह नाबालिग हुते हुए अपनी माँ की संपति ले सकती हैं.

अगर बेटी शादीशुदा हैं. तो इस कंडीशन में भी बेटी का माँ की संपति पर पूरा हक़ होता हैं. यानी की शादी के बाद भी एक बेटी का माँ की संपति पर पूरा अधिकार होता हैं.

अगर किसी हिंदू महिला (माँ) की मृत्यु वसीयत किए बीना ही हो जाती हैं. तो इस कंडीशन में भी बेटी का माँ की संपति पर पूरा अधिकार होता हैं. मृत्यु के बाद भी बेटी अपनी माँ की संपति अपने नाम करवा सकती हैं.

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माँ की संपत्ति पर किसका अधिकार होता है

माँ की संपति पर नीचे दिए गए लोगो का अधिकार होता हैं.

  • माँ की संपति पर बेटे का अधिकार होता हैं.
  • माँ की संपति पर नाबालिग बेटी का अधिकार होता हैं.
  • माँ की संपति पर शादीशुदा बेटी का भी अधिकार होता हैं.
  • अगर किसी महिला ने पुत्र को गोद लिया हैं. और पुत्र के पास इसके पुख्ता सबूत हैं. तो ऐसे पुत्र का भी माँ की संपति पर पूरा अधिकार होता हैं.
  • अगर माँ ने किसी पुत्री को गोद लिया हैं. और पुत्री के पास इसके पुख्ता सबूत हैं. तो ऐसी पुत्री का भी माँ की संपति पर पूरा अधिकार होता हैं.
  • अगर किसी महिला ने पुत्री को गोद लिया हैं. और पुत्री शादीशुदा हैं. तो शादीशुदा पुत्री का भी माँ की संपति पर पूरा अधिकार होता हैं.
  • माँ की संपति पर बेटे की पत्नी का भी अधिकार होता हैं. अगर उसके पति की मृत्यु हो जाती हैं. तो माँ की संपति पर बेटे की पत्नी का पूरा अधिकार होता हैं.
  • अगर किसी महिला का कोई संतान नहीं हैं. या फिर उसके पति की भी मृत्यु हो जाती हैं. तो महिला के नाती का भी महिला की संपति पर अधिकार होता हैं.

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माँ की संपत्ति में बेटी का अधिकार मुस्लिम

अगर कोई महिला मुस्लिम है तो वह जीवित रहते हुए अपने बेटी को अपना उत्तराधिकारी बना सकती हैं. लेकिन मृत्यु के बाद बेटी का माँ की संपति पर कोई अधिकार नही होता हैं.

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अविवाहित महिला की संपति किसको मिलेगी

अगर कोई महिला अविवाहित है और उसकी मृत्यु हो जाती हैं. तो उस महिला की संपति भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 की धारा 42 और 43 के तहत महिला के पिता को वह संपति मिल सकती हैं.

अगर अविवाहित महिला के पिता जीवित नही हैं. तो इस स्थिति में अविवाहित महिला की संपति महिला की माता और महिला के भाई और बहन में बांट दी जाएगी. यह हिस्सा समान रूप में हो सकता हैं.

पिता की संपति पिता के मृत्यु के बाद उनके बेटा या बेटी को मिलती हैं. लेकिन माँ की संपति माँ की इच्छा अनुसार बंटवारा होता है. माँ जिसके नाम संपति करना चाहती हैं. उसके नाम कर सकती हैं.

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FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

क्या शादीशुदा बेटी का पिता की संपति पर हक़ होता है?

जी हाँ शादीशुदा बेटी का अपने पिता की संपति पर हक़ होता हैं. बेटी की शादी हो जाने के पश्चात भी बेटी का अपने पिता की संपति पर उतना ही हक़ होता है जितना बेटे का होता हैं.

बेटी अपने पिता की संपति कब दावा नही कर सकती हैं?

जब पिता की मृत्यु के पहले पिता सारी संपति अगर उनके बेटे के नाम कर देते हैं. तब बेटी उस संपति पर दावा नहीं कर सकती हैं. क्योंकि वह संपति अब पिता की जगह बेटे की हो गई हैं. यानी की भाई की संपति पर बहन दावा नहीं कर सकती हैं.

बहन अपने भाई की संपति पर दावा कर सकती है?

जी नहीं बहन अपने भाई की संपति पर दावा नहीं कर सकती हैं. लेकिन अगर भाई माँ यानी की बहन की माँ जीवित नही हैं. और भाई की पत्नी और बच्चे भी नहीं हैं. भाई का वारिस कोई नही हैं. जैसे की माँ, पत्नी और बच्चे नही हैं. तो इस स्थिति में भाई की संपति पर बहन दावा कर सकती हैं.

बहु का अपने सास ससुर की संपति पर अधिकार होता है?

जी नहीं बहु अपने सास ससुर की संपति की हक़ दर नहीं होती हैं. बहु का अपने पति के संपति पर ही हक़ होता हैं. वह अपने सास ससुर की संपति पर कोई भी हक़ नही मांग सकती हैं.

Maa Ka जमीन पर किसका हक होता है?

माँ की संपति पर सबसे पहले उसके पिता का हक़ होता हैं. पति जीवित नही हैं. तो माँ की संपति उसके बेटे, बेटी को मिलती हैं. माँ का पति, बेटा और बेटी नही हैं. तो वह संपति माँ की माँ को मिलती हैं. अगर माँ की माँ भी जीवित नहीं हैं. तो संपति पिता को मिलती हैं.

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निष्कर्ष                   

दोस्तों आज हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से माँ की संपत्ति में बेटी का अधिकार बताया है. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान की हैं.

हम उम्मीद करते है की आज का हमारा यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा. अगर उपयोगी साबित हुआ हैं. तो आगे जरुर शेयर करे. ताकि अन्य लोगो तक भी यह महत्वपूर्ण जानकारी पहुंच सके.

दोस्तों हम आशा करते है की आपको हमारा यह माँ की संपत्ति में बेटी का अधिकार आर्टिकल अच्छा लगा होगा. धन्यवाद

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