कार्तिकेय की पूजा क्यों नहीं होती – कार्तिकेय भगवान का मंदिर कहां पर है

कार्तिकेय की पूजा क्यों नहीं होती – कार्तिकेय भगवान का मंदिर कहां पर है – कार्तिकेय भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र माने जाते हैं. काफी लोगो का सवाल है की कार्तिकेय की पूजा क्यों नहीं होती. इस सवाल का जवाब आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से विस्तारपूर्वक देने वाले हैं. इसलिए आज का हमारा यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़े.

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दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताने वाले है की कार्तिकेय की पूजा क्यों नहीं होती. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान करने वाले हैं.

तो आइये हम आपको इस बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं.

कार्तिकेय की पूजा क्यों नहीं होती

काफी लोगो का सवाल है की कार्तिकेय की पूजा क्यों नहीं होती. लेकिन ऐसा नही हैं. कार्तिकेय की पूजा होती हैं. तमिलनाडु में भगवान कार्तिकेय को मुख्य देवता के रूप में पूजा जाता हैं.

इसके अलावा दुर्गा पूजा में भी कार्तिकेय की पूजा की जाती हैं. कार्तिकेय की पूजा सिर्फ भारत में ही नही मलेशिया, सिंगापूर आदि देशो में भी की जाती हैं. अगर देखा जाए तो कार्तिकेय की पूजा काफी शहर और देशो में की जाती हैं.

लेकिन कुछ मान्यता और पुराणों के अनुसार महिलाएं कार्तिकेय की पूजा नही करती हैं. इसके पीछे एक बहुत बड़ा कारण माना जाता है. पुराणों के अनुसार ऐसा माना जाता है की जब भगवान शिव ने कार्तिकेय का राजतिलक करने का निर्णय लिया. तब माता पार्वती भगवान गणेश का राजतिलक करने की हठ करने लगी.

इस दौरान सभी देवी देवता दुविधा में फंस गए. तब ब्रह्मा, विष्णु और भगवान शिव ने निर्णय लिया की दोनों भाई में से जो समस्त सृष्टि का चक्कर लगा कर पहले आएगा. वह राजतिलक का अधिकारी माना जाएगा. और उसका राजतिलक कर दिया जाएगा.

यह फैसला लेने के बाद कार्तिकेय अपना वाहन मोर लेकर समस्त पृथ्वी का चक्कर लगाने के लिए निकल गए. जब गणेश भी अपना वाहन चूहा लेकर पृथ्वी का चक्कर लगाने के लिए जाने लगे.

तब माता पार्वती ने उन्हें रोका और कहा की तुम माता पिता और सभी देवी देवताओ की परिक्रमा लगा लो. यही संपूर्ण सृष्टि की परिक्रमा मानी जाती हैं. और गणेश ने माता के कहे अनुसार किया. भगवान गणेश के ऐसा करने से उनको राजतिलक का अधिकारी माना गया. और उनका राजतिलक कर दिया गया.

जब कार्तिकेय सृष्टि की परिक्रमा करके लौटे तब माता के ऐसे फैसले से क्रोधित हो गए. और अपना मांस तथा खाल उतारकर माता पार्वती के सामने रख दिया. इसके बाद कार्तिकेय ने समस्त नारी जाति को श्राप दिया की जो उनके इस स्वरूप के दर्शन करेगी.  वह सात जन्मो तक विधवा रहेगी. कार्तिकेय के इस श्राप के कारण आज भी उनकी पूजा नही की जाती हैं.

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कार्तिकेय भगवान का मंदिर कहां पर है

कार्तिकेय भगवान शिव के पुत्र माने जाते हैं. कार्तिकेय को भारत में मुरुगन नाम से भी जाना जाता हैं. भारत में कार्तिकेय का मंदिर दक्षिण में तमिलनाडु में मौजूद हैं. तमिलनाडु में पलनी जिले में भगवान कार्तिकेय का सुप्रसिद्ध मंदिर हैं.

यह शिवगिरी पर्वत पर मौजूद हैं. जिसकी ऊंचाई करीब 160 मीटर मानी जाती हैं. अगर आप इस मंदिर में जाना चाहते हैं. तो रोप वे और रेलगाड़ी के माध्यम से जा सकते हैं.

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निष्कर्ष

दोस्तों आज हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताया है कार्तिकेय की पूजा क्यों नहीं होती. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान की हैं.

हम उम्मीद करते है की आज का हमारा यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा. अगर उपयोगी साबित हुआ हैं. तो आगे जरुर शेयर करे. ताकि अन्य लोगो तक भी यह महत्वपूर्ण जानकारी पहुंच सके.

दोस्तों हम आशा करते है की आपको हमारा यह कार्तिकेय की पूजा क्यों नहीं होती – कार्तिकेय भगवान का मंदिर कहां पर है आर्टिकल अच्छा लगा होगा. धन्यवाद

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