गरुड़ पुराण के अनुसार पत्नी के कर्तव्य | गरुड़ पुराण के कितने अध्याय हैं

गरुड़ पुराण के अनुसार पत्नी के कर्तव्य | गरुड़ पुराण के कितने अध्याय हैं – हमारे प्राचीन ग्रंथो में पत्नी के बारे में कुछ कर्तव्य बताए गए हैं. जैसे की हमारा प्राचीन ग्रंथ गरुड़ पुराण में पत्नी के कुछ कर्तव्य बताए गए हैं. जिसके बारे में आज की पत्नी को कुछ भी पता नहीं हैं. आज हम उन्ही पत्नी के इन्ही कर्तव्यों के बारे में इस आर्टिकल में बात करेगे. जिससे आज की पत्नी और पीढ़ी पत्नी के कर्तव्य के बारे में जान सके.

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दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से गरुड़ पुराण के अनुसार पत्नी के कर्तव्य बताने वाले हैं. इसके अलावा यह भी बताएगे गरुड़ पुराण के कितने अध्याय हैं. यह सभी महत्वपूर्ण जानकारी पाने के लिए हमारा यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़े.

तो आइये हम आपको इस बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं.

गरुड़ पुराण के अनुसार पत्नी के कर्तव्य

गरुड़ पुराण हमारा सबसे प्राचीन और सुप्रसिद्ध ग्रंथ माना जाता हैं. गरुड़ पुराण के अनुसार पत्नी के कुछ कर्तव्य के बारे में हमने नीचे जानकारी प्रदान की हैं.

  • गरुड़ पुराण के अनुसार पत्नी का पहला कर्तव्य यह है की उन्हें अपने परिवार को अच्छे से संभालना चाहिए. जो स्त्री अपने परिवार का ध्यान रखती हैं. अपने पति, बच्चो तथा घर के बुजुर्गो का ध्यान रखती है. घर की बात घर में ही रहने देती हैं. ऐसी पत्नी गरुड़ पुराण के अनुसार श्रेष्ठ मानी जाती हैं.
  • गरुड़ पुराण के अनुसार पत्नी का दूसरा कर्तव्य यह है की उन्हें मीठा बोलना चाहिए. हमारे हिंदू सनातन धर्म में पत्नी को लक्ष्मी का रूप माना जाता हैं. इसलिए उन्हें मीठा बोलना चाहिए. जो पत्नी अपने पति से मीठा बोलती हैं. कभी गुस्सा नहीं करती हैं. परिवार वालो से मीठी भाषा में बात करती हैं. अतिथि का स्वागत मीठी बोली से करती हैं. तथा उनको मान-सम्मान देती हैं. तो ऐसी पत्नी गरुड़ पुराण के अनुसार श्रेष्ठ मानी जाती हैं.
  • गरुड़ पुराण के अनुसार पत्नी का तीसरा कर्तव्य पति की आज्ञा का पालन करना होता हैं. जो पत्नी अपने पति की बात को मानती हैं. ऐसी पत्नी अपने पति की प्रिय होती हैं. अगर पति कुछ गलत करने जा रहे हैं. तो पत्नी ऐसे समय उनको सही रास्ता भी दिखा सकती हैं. ऐसी पत्नी गरुड़ पुराण के अनुसार अतिउत्तम गुणों वाली मानी जाती हैं.
  • गरुड़ पुराण के अनुसार पत्नी का चौथा कर्तव्य धर्म के मार्ग पर चलना होता हैं. जो पत्नी धर्म के मार्ग पर आगे चलती हुई अपने पति तथा बच्चों का ध्यान रखती हैं. तथा रोजाना भगवान की पूजा-अर्चना करने के बाद ही स्वयं भोजन ग्रहण करती हैं. ऐसी पत्नी गरुड़ पुराण के अनुसार सर्वश्रेष्ठ मानी जाती हैं. जो पत्नी धर्म का पालन करते हुए संसार के नियमो का भी पालन करती हैं. वह पत्नी महान मानी जाती हैं.

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गरुड़ पुराण के कितने अध्याय हैं

गरुड़ पुराण में 271 अध्याय और 18000 श्लोक हैं.

मृत्यु के बाद क्या होता है गरुड़ पुराण

गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद होने वाली कुछ बातें हमने नीचे बताई हैं.

  • गरुड़ पुराण के अनुसार किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने के बाद उसकी आत्मा को नया शरीर धारण करने में 3 से 13 दिन का समय लगता हैं.
  • गरुड़ पुराण के अनुसार अगर किसी व्यक्ति की अकाल मृत्यु होती हैं. तो ऐसी आत्मा को नया शरीर धारण करने में एक वर्ष तक का समय भी लग जाता हैं. तब तक वह आत्मा हमारे आसपास ही भटकती रहती हैं.
  • मृत्यु के बाद घर में गरुड़ पुराण का पाठ करने से मृतक व्यक्ति की आत्मा को शांति मिलती है.
  • ऐसा माना जाता है की व्यक्ति की मृत्यु के बाद गरुड़ पुराण का पाठ करने से मृतक व्यक्ति को उसका रास्ता अपने आप मिल जाता हैं. और वह आत्मा प्रभुलोक से आगे बढती हुई पित्तरलोक में पहुंच जाती हैं. तथा फिर से मनुष्य योनि में जन्म लेती हैं.

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निष्कर्ष

दोस्तों आज हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से से गरुड़ पुराण के अनुसार पत्नी के कर्तव्य बताए हैं. इसके अलावा यह भी बताया है की गरुड़ पुराण के कितने अध्याय हैं. हम उम्मीद करते है की आज का हमारा यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा. अगर उपयोगी साबित हुआ हैं. तो आगे जरुर शेयर करे.

दोस्तों हम आशा करते है की आपको हमारा यह गरुड़ पुराण के अनुसार पत्नी के कर्तव्य | गरुड़ पुराण के कितने अध्याय हैं आर्टिकल अच्छा लगा होगा. धन्यवाद

Shailesh Nagar

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