बवासीर में लैट्रिन टाइट क्यों होती है? – बवासीर की शुरुआत कैसे होती है?

बवासीर में लैट्रिन टाइट क्यों होती है? – बवासीर की शुरुआत कैसे होती है? – बवासीर की बीमारी बहुत ही भयानक और पीड़ा दायक मानी जाती हैं. यह बीमारी होने पर व्यक्ति परेशान हो जाता हैं. और उसे असहनीय दर्द होने लगता हैं. दरअसल गलत  खान पान और अधिक तीखा खाने की वजह से काफी लोग बवासीर की बीमारी से पीड़ित हो जाते हैं. यह बीमारी होने पर मलत्याग करते समय असहनीय दर्द और जलन का सामना करना पड़ता हैं.

कई बार बवासीर की परेशानी उत्पन्न होने पर लैट्रिन टाइट आने की समस्या हो जाती हैं. इससे हमें और अधिक दर्द का सामना करना पड़ता है. बवासीर में लैट्रिन टाइट आने के पीछे काफी सारे कारण हो सकते हैं. जिसमें से कुछ मुख्य कारण के बारे में आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताने वाले हैं.

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दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल माध्यम से बताने वाले है की बवासीर में लैट्रिन टाइट क्यों होती है. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान करने वाले हैं. तो यह सभी महत्वपूर्ण जानकारी पाने के लिए आज का हमारा यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़े.

तो आइये हम आपको इस बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं.

बवासीर में लैट्रिन टाइट क्यों होती है

बवासीर में लैट्रिन टाइट होने के पीछे काफी सारे कारण हो सकते हैं. जिसमे से कुछ मुख्य कारण के बारे में हमने नीचे जानकारी प्रदान की हैं.

  • बवासीर की समस्या पैदा होने पर पीड़ित व्यक्ति को असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता हैं. इस वजह से पीड़ित व्यक्ति का मलत्याग अच्छे से नही हो पाता हैं. इस कारण से लैट्रिन टाइट हो जाती हैं. और मलत्याग करते समय अधिक पीड़ा होती हैं.
  • बवासीर की समस्या पैदा होने पर पीड़ित व्यक्ति में गैस, अपच और कब्ज की समस्या उत्पन्न हो जाती हैं. इस वजह से भी बवासीर में लैट्रिन टाइट आती हैं.
  • बवासीर की समस्या होने पर खाना खाने के बाद अच्छे से पचता नही हैं. इस वजह से भी बवासीर में लैट्रिन टाइट आती हैं.

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बवासीर की शुरुआत कैसे होती है?

बवासीर की समस्या पैदा होने से पहले हमें शुरुआत में कुछ संकेत दिखाई देते हैं. जिसके बारे में हमने नीचे जानकारी प्रदान की हैं.

  • बवासीर की शुरुआत में आपको मलद्वार के आसपास के एरिया में खुजली आना शुरू हो जाता हैं. शुरुआत में कुछ दिन थोड़ी खुजली होती हैं. इसके बाद खुजली धीरे धीरे बढती हैं. और रेगुलर खुजली आने लगती हैं. अगर आपको रेगुलर मलाशय के आसपास खुजली आ रही हैं. तो मान लीजिए की बवासीर की समस्या हैं. ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए.
  • बवासीर की समस्या पैदा होने के शुरुआत में मलाशय के आसपास के हिस्से में जलन और सुजन आ जाती हैं. आपको लगातार मलाशय पर जलन हो सकती हैं. और वह वाला हिस्सा फुला हुआ दिख सकता हैं. इससे आपको उठने बैठने में परेशानी हो सकती हैं. अगर आपको मलाशय में जलन और सुजन लग रही हैं. तो यह भी बवासीर का शुरूआती लक्षण माना जाता हैं. ऐसे में आपको डॉक्टर का संपर्क करना चाहिए.
  • बवासीर की समस्या पैदा होने के कुछ दिन पहले आपको मलत्याग करते समय दर्द हो सकता हैं. अगर यह दर्द दिन प्रति दिन बढ़ रहा हैं. और दर्द असहनीय बनता जा रहा हैं. तो मान लीजिए की बवासीर की समस्या उत्पन्न हुई हैं. ऐसे में आपको तुरंत ही डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए.
  • बवासीर की समस्या पैदा होने पर शुरुआत में आपको मलत्याग करते समय खून निकल सकता हैं. अगर आपको मलत्याग में खून निकल रहा हैं. तो मान लीजिए की यह बवासीर की बीमारी हैं. ऐसे में आपको बीना देरी किये डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए.

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बवासीर में खुजली क्यों होती है

बवासीर की समस्या में हमारे आंतरिक हिस्से में यानी की मलाशय के आसपास के एरिया में मांसपेशियां जमा हो जाती हैं. जिसके वजह से हमे अधिक खुजली आने की समस्या हो जाती हैं. इसलिए मांसपेशियां जमा हो जाने पर हमे बवासीर में खुजली आती हैं.

बवासीर के मस्से सुखाने की क्रीम

अगर आप बवासीर की समस्या से पीड़ित हैं. और बवासीर के मस्से सुखाने के लिए कोई अच्छी क्रीम इस्तेमाल करना चाहते हैं. तो आपको ट्रोनोलेंन हेमरोयड क्रीम का उपयोग करना चाहिए. यह क्रीम मस्से सुखाने के लिए बहुत ही कारगर और प्रभावशाली मानी जाती हैं.

लेकिन इस क्रीम का उपयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर की राय जरुर ले.

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बवासीर के कुछ घरेलू उपाय

बवासीर के कुछ घरेलू उपाय और ध्यान रखने योग्य बाते हमने नीचे बताई हैं.

  • बवासीर से बचने के लिए और बवासीर को खत्म करने के लिए साबुत अनाज, फाइबर युक्त आहार, सब्जियां और फलो को रोजाना अपने डायट में शामिल करना चाहिए..
  • बाहर का डब्बा पैक और अधिक तेल वाला भोजन ना खाए.
  • रात्री के समय पपीता खाए. इससे सुबह स्टूल आसानी से आएगा. और आपको बवासीर के दर्द में राहत मिलेगी.
  • नारियल तेल को रुई में भिगोकर बवासीर वाली जगह पर लगाने से आपको राहत मिलेगी. इससे आपको जलन की समस्या से छुटकारा मिलेगा.
  • कुछ हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है की नींबू के रस में शहद और अदरक का रस मिलाकर पीने से बवासीर की समस्या से छुटकारा मिलेगा.
  • एक रात तीन अंजीर भिगोकर रखे. और सुबह खाली पेट खा ले. इससे आपको बवासीर की बीमारी से धीरे धीरे छुटकारा मिलेगा.
  • बवासीर की जलन पर एलोवेरा जेल लगाने से आपको जलन की समस्या से मुक्ति मिलती हैं.

बवासीर के प्रकार

बवासीर के कुछ मुख्य प्रकार के नाम हमने नीचे बताए हैं.

  • आंतरिक बवासीर
  • फर्स्ट डिग्री बवासीर
  • सेकेंड डिग्री बवासीर
  • थर्ड डिग्री बवासीर
  • फोर्थ डिग्री बवासीर
  • बाहरी बवासीर
  • प्रोलेप्सड बवासीर

बवासीर के लक्षण क्या है

बवासीर के मुख्य लक्षण नीचे बताये हैं.

  • गुदा वाले भाग में अधिक खुजली होना.
  • गुदा वाले हिस्से में दर्द, खून का निकलना और मस्से ठोस हो जाने की समस्या दिखाई देती हैं.
  • मल त्याग करते समय खून निकलना और दर्द होना.
  • स्टूल में खून दिखाई देना.

यह सभी बवासीर होने का मुख्य लक्षण माना जाता हैं.

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

बवासीर किस चीज़ से जल्दी ठीक होता है?

बवासीर को जल्दी ठीक करने के लिए फाइबर युक्त आहार अधिक लेना चाहिए. और तेल, मिर्च, मसाले वाला आहार लेने से बचना चाहिए.

बवासीर में घर पर कीज़ चीज़ का परहेज करना चाहिए?

बवासीर होने पर तेल, मिर्च मसाले, डेयरी प्रोडक्ट, तला हुआ भोजन, मीट, मैदा आदि से बना भोजन नही लेना चाहिए. आपको हरी सब्जियां, मीठे फल और सात्विक भोजन लेना चाहिए. आपको सुजन और कब्ज की समस्या ना हो ऐसे भोजन से दुरी बनाकर रखनी चाहिए.

क्या बवासीर में खुजली हो सकती है?

जी हाँ बवासीर होने पर गुदा वाले हिस्से पर आपको खुजली हो सकती हैं. लेकिन आपको अधिक खुजली का सामना करना पड़ रहा हैं. तो आपको डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए.

बवासीर होने पर कौनसी दवाई ले?

डॉक्टर को बीना पूछे कोई भी दवाई नही लेनी चाहिए. इससे आपको नुकसान हो सकता हैं.

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निष्कर्ष

दोस्तों आज हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताया है बवासीर में लैट्रिन टाइट क्यों होती है. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान की हैं.

हम उम्मीद करते है की आज का हमारा यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा. अगर उपयोगी साबित हुआ हैं. तो आगे जरुर शेयर करे. ताकि अन्य लोगो तक भी यह महत्वपूर्ण जानकारी पहुंच सके.

दोस्तों हम आशा करते है की आपको हमारा यह बवासीर में लैट्रिन टाइट क्यों होती है आर्टिकल अच्छा लगा होगा. धन्यवाद

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