बच्चों को बोलने में दिक्कत आयुर्वेदिक उपचार – बच्चे के देरी से बोलने के कारण

बच्चों को बोलने में दिक्कत आयुर्वेदिक उपचार – बच्चे के देरी से बोलने के कारण – हमने हमारे आसपास काफी ऐसे बच्चे देखे होगे. जो साफ़ साफ़ नही बोलते हैं. उनकी उम्र बोलने योग्य होने के बाद भी कुछ बच्चे साफ़ साफ़ नही बोलते हैं. और उनको बोलने में दिक्कत होने लगती हैं. कुछ बच्चे हकलाते या तुतलाते हैं. जिसकी वजह से कई बार हमे उनकी भाषा समझ में नही आती हैं.

ऐसे बच्चो के लिए कुछ आयुर्वेदिक उपचार मौजूद हैं. जिसे करने से काफी हद तक बच्चो की बोलने की दिक्कत दूर होती हैं. ऐसे ही कुछ आयुर्वेदिक और घरेलू उपचार के बारे में हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताने वाले हैं. तो यह महत्वपूर्ण जानकारी पाने के लिए आज का हमारा यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़े.

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दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बच्चों को बोलने में दिक्कत आयुर्वेदिक उपचार बताने वाले हैं. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान करने वाले हैं.

तो आइये हम आपको इस बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं.

बच्चों को बोलने में दिक्कत आयुर्वेदिक उपचार

अगर किसी भी बच्चे को बोलने में दिक्कत हो रही हैं. तो आप नीचे दिए गए कुछ घरेलू आयुर्वेदिक उपचार कर सकते हैं. जो बिलकुल नुकसान रहित हैं. इन आयुर्वेदिक उपचार से बच्चे की बोलने की दिक्कत में काफी फायदा होगा.

  • अगर किसी बच्चे को बोलने में दिक्कत हो रही हैं. तो ऐसे बच्चो को पांच से छह बादाम मक्खन के साथ मिक्स करके खिला देनी हैं. इस उपाय से बच्चे की बोलने की क्षमता में वृद्धि होती हैं. यह उपाय कुछ दिन तक लगातर करने से बच्चे के बोलने की दिक्कत काफी हद तक दूर हो जाएगी.
  • बच्चे के बोलने की दिक्कत को दूर करने के लिए आप हरे या सूखे आंवला के चूर्ण का उपयोग भी कर सकते हैं. इसके लिए आपको आंवला का आधा या एक चम्मच चूर्ण लेना हैं. और गुनगुने पानी के साथ बच्चे को पीला देना हैं. इस उपाय से बच्चे की बोलने की दिक्कत दूर होती हैं.
  • अगर आप एक चम्मच मक्खन में एक चुटकी काली मिर्च पाउडर मिलाकर बच्चे को चटा देते हैं. तो इस उपाय से भी कुछ ही दिनों में बच्चे की बोलने की दिक्कत दूर होती हैं.
  • जिस बच्चे को बोलने में दिक्कत हैं. उसे रात को सोने से पहले दो से तीन छुहारे खिलाएं. इसके बाद बच्चे को दो घंटे तक पानी नही दे. यह उपाय आपको सोने से पहले रोजाना करना हैं. इस उपाय से भी बच्चे की बोलने की दिक्कत दूर होती हैं.
  • कई बार हमारी मोटी जुबान में कुछ गडबडी होने की वजह से भी बच्चे को बोलने में दिक्कत होती हैं. ऐसे में आपको जुबान यानी जीभ पर दालचीनी के तेल से मालिश करनी हैं. यह उपाय आपको कुछ दिन करना हैं. इस उपाय से बच्चे की बोलने की दिक्कत दूर होती हैं.
  • बच्चे की बोलने की दिक्कत को दूर करने के लिए आपको दस काली मिर्च और दस बादाम ले लेनी हैं. इसके बाद इन दोनों को मिश्री के साथ मिक्सी में पीस लेना हैं. इस पाउडर का सेवन लगातार दस दिन तक करना हैं. दस दिन के बाद आपको इस उपाय का रिजल्ट मिल जाएगा. तो बच्चे की बोलने की दिक्कत को दूर करने के लिए आप इस उपाय को भी कर सकते हैं.

तो बच्चे की बोलने की दिक्कत को दूर करने के लिए आप इनमे से किसी भी आयुर्वेदिक उपचार को कर सकते हैं. इससे कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता हैं. और बच्चे की बोलने की दिक्कत भी दूर हो जाती हैं.

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बच्चे के देरी से बोलने के कारण

बच्चे के देरी से बोलने के कुछ कारण हमने नीचे बताए हैं.

  • अगर जुड़वाँ बच्चे पैदा हुए हैं. तो यह चांसीस रहता है. की कोई एक बच्चा देरी से बोलता हैं. या फिर दोनों ही देरी से बोलते हैं.
  • अगर बच्चे के कान में किसी भी प्रकार का संक्रमण हुआ हैं. तो इस कारण भी काफी बच्चे देरी से बोलते हैं.
  • अगर कोई बच्चा समय से पहले यानी की नौ महीने पहले ही पैदा हो गया हैं. तो ऐसे बच्चे देरी से बोलते हैं.
  • अगर जन्म के समय किसी बच्चे का तालू कटा हुआ हैं. तो ऐसे बच्चे भी देरी से बोलना शुरू करते हैं.
  • अगर जन्म के समय किसी बच्चे के मस्तिष्क में क्षती पहुंची हैं. तो इस कारण भी काफी बच्चे देरी से बोलते हैं.

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बच्चों को बोलने में दिक्कत योग है मददगार

अगर बच्चो को बोलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं. तो ऐसे में आप कुछ उपचार के साथ योग की भी शुरुआत कर सकते हैं. योग की मदद से भी बच्चों के बोलने की समस्या को ठीक किया जा सकता हैं. इसके लिए कुछ योग कर सकते हैं. जिसके बारे में हमने नीचे जानकारी प्रदान की हैं.

जीभ का योग या एक्सरसाइज करे

अगर बच्चों को बोलने में दिक्कत हो रही है. तो सबसे पहले आप जीभ से शुरुआत कर सकते हैं. इसके लिए बच्चे अपनी जीभ जितनी बाहर निकाल सकते हैं. उतनी बाहर निकालने दे.

इसके बाद जीभ को नाक की तरफ ऊपर की और इसके बाद जीभ को ठोड़ी की तरफ नीचे ले जाने के लिए बोलिए. यह प्रक्रिया दिन में दो से तीन बार पांच-पांच बार दोहराए.

इसके बाद जीभ को मुंह की अंदर दबाने वाली एक्सरसाइज और जीभ को मोड़कर तालू पर लगाने वाली एक्सरसाइज दिन में दो बार पांच-पांच बार करवाए.

यह दोनों एक्सरसाइज दिन में दो बार करबाए. इससे काफी हद तक बच्चे को बोलने की दिक्कत से छुटकारा मिलता हैं.

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सांस लेना सीखे और योग करे

कई बार बच्चो को सांस लेने में परेशानी होती हैं. तो इस वजह से भी बच्चो को बोलने में दिक्कत होती हैं. ऐसे में आप बच्चो को सांस लेना सिखा सकते हैं. इसके के लिए बच्चो को लंबी लंबी सांस लेने के लिए बोले. कई बार बच्चे बोलने के चक्कर में अपनी सांस लेना ही भूल जाते हैं. इस वजह से उनको बोलने में परेशानी होने लगती हैं.

इसके के लिए बच्चो को गहरी सांस लेने के लिए बोले. जब हम पानी में डूबकी लगाने जाते हैं. तब उससे पहले गहरी सांस लेते हैं. बिलकुल उस प्रकार से सांस लेने की रोजाना प्रेक्टिस करवाए. इससे बच्चो की बोलने की समस्या दूर हो जाती हैं.

जो बच्चा नहीं बोलता है उसके लिए क्या करना चाहिए

अगर उम्र हो जाने के पश्चात भी बच्चा नही बोल रहा हैं. तो ऐसे में आपको बच्चे से बुलवाने की प्रेक्टिस करनी चाहिए. आपको बच्चे से हो सके उतनी अधिक बाते करनी चाहिए. जब आप बोलते हैं तब बच्चा आपकी बातो को सुनकर उसकी कॉपी करता हैं. और धीरे धीरे बोलना शुरू कर देता हैं.

लेकिन काफी कोशिश करने के बाद भी बच्चा नही बोल रहा हैं. बच्चा बोलने योग्य उम्र का हो गया हैं. फिर भी नही बोल रहा हैं. तो ऐसे में आपको एक अच्छे से डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. और बच्चे की जांच करवाने के बाद इलाज करवाना चाहिए.

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निष्कर्ष                   

दोस्तों आज हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बच्चों को बोलने में दिक्कत आयुर्वेदिक उपचार बताया है. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान की हैं.

हम उम्मीद करते है की आज का हमारा यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा. अगर उपयोगी साबित हुआ हैं. तो आगे जरुर शेयर करे. ताकि अन्य लोगो तक भी यह महत्वपूर्ण जानकारी पहुंच सके.

दोस्तों हम आशा करते है की आपको हमारा यह बच्चों को बोलने में दिक्कत आयुर्वेदिक उपचार आर्टिकल अच्छा लगा होगा. धन्यवाद

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